आपकी जानकारी कैसे रखी जाती है
नगर पंचायत रतसर कलां, जनपद बलिया — जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अनुरूप।
क्या लिया जाता है
आवेदक का नाम, पिता/पति का नाम, मोबाइल, पता, वार्ड; जिनका प्रमाण-पत्र बनना है उनका नाम, लिंग, जन्म/मृत्यु की तिथि व स्थान, आयु व जन्मतिथि, आधार नंबर, माता-पिता या पति/पत्नी का नाम; गवाहों के नाम; और आपके चढ़ाए कागज़ — आधार, शपथ-पत्र, फ़ोटो, सभासद का प्रमाण-पत्र। यह सब जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत पंजीकरण के लिए ही लिया जाता है, किसी और काम के लिए नहीं।
आधार नंबर
लॉगिन वाला आधार। जिस आधार नंबर से आप इस पोर्टल में लॉगिन करते हैं, वह कहीं भी सीधा नहीं रखा जाता। उसका सिर्फ़ एक गणितीय निशान (hash) रखा जाता है, जिससे नंबर वापस नहीं निकाला जा सकता; परदे पर भी अंतिम चार अंक ही दिखते हैं।
पंजिका वाला आधार। जिनका प्रमाण-पत्र बनना है — मृतक का — उनका आधार नंबर पूरा दर्ज होता है। जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 की पंजिका और भारत सरकार के CRS पोर्टल पर यह खाना भरना पड़ता है, इसलिए इसे रखे बिना पंजीकरण नहीं हो सकता। यह नंबर सिर्फ़ उन्हीं कर्मचारियों को दिखता है जिनके पटल पर आपका प्रकरण है, और किसी बाहरी को नहीं भेजा जाता।
WhatsApp या किसी भी सन्देश में आधार नंबर कभी नहीं भेजा जाता — न आपका, न किसी और का।
कौन देख सकता है
सिर्फ़ नगर पंचायत के वे कर्मचारी जिनके पटल पर आपका प्रकरण है — काउंटर, मौके की जाँच करने वाला कर्मचारी, ऑपरेटर और अधिशासी अधिकारी। हर कर्मचारी का अपना लॉगिन है; उसने क्या बदला, यह पंजी में दर्ज रहता है। जाँच का कर्मचारी सिर्फ़ अपने वार्ड के प्रकरण देख सकता है।
कहाँ रखा जाता है
प्रकरण का ब्यौरा और आपके कागज़ encrypted भंडारण में रखे जाते हैं। कागज़ की फ़ाइलें खुले लिंक पर नहीं होतीं — हर बार लॉगिन के बाद ही खुलती हैं। प्रमाण-पत्र का WhatsApp लिंक 7 दिन बाद अपने आप बंद हो जाता है।
कितने दिन
पंजीकरण का अभिलेख स्थायी है — यह क़ानूनी पंजिका है, मिटाई नहीं जाती। सहायक कागज़ (आधार की प्रति, शपथ-पत्र) पंजीकरण पूरा होने के बाद कार्यालय की अभिलेख-नीति के अनुसार रखे जाते हैं। हटाया गया कोई भी अभिलेख छिपता है, नष्ट नहीं होता, ताकि बाद में प्रश्न उठे तो उत्तर मिल सके।
आपके अधिकार
अपना दर्ज ब्यौरा देखना, ग़लती का सुधार माँगना, और खाता बंद करवाना — इनके लिए नगर पंचायत कार्यालय में आधार लेकर सम्पर्क कीजिए। सुधार हर बार कारण के साथ पंजी में दर्ज होता है।
सुरक्षा
60 मिनट कुछ न करने पर लॉगिन अपने आप बंद हो जाता है। पाँच बार ग़लत पासवर्ड पर दस मिनट की रोक लगती है। अपना पासवर्ड लॉगिन के बाद बदल लीजिए — काउंटर पर बना पहला पासवर्ड आपका मोबाइल नंबर होता है, जो कई लोगों को पता होता है।
सम्पर्क — कार्यालय, नगर पंचायत रतसर कलां, जनपद बलिया (उ0प्र0)।